कोरबा। बरपाली के चर्चित सेप्टिक टैंक हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी मनोज उरांव को पुलिस ने अंबिकापुर से गिरफ्तार कर लिया है। महिला की मौत के बाद आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। वह पहले रायपुर, फिर चिरमिरी और इसके बाद अंबिकापुर पहुंचा। अंबिकापुर में मोबाइल फोन चालू करते ही पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई, जिसके बाद घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मामला श्यांग थाना क्षेत्र के ग्राम बरपाली का है। यहां मनोज उरांव के साथ करीब दो साल से 33 वर्षीय संतोषी रह रही थी। महिला के पति की पहले ही मौत हो चुकी थी और उसके चार बच्चे हैं। महिला की मौत के बाद आरोपी ने शव को घर की बाड़ी में बने सेप्टिक टैंक में छिपा दिया था और फरार हो गया था।
चिकन बनाने को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना के दिन वह घर में चिकन लेकर आया था और संतोषी से उसे बनाने के लिए कहा था। चिकन नहीं बनाने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोपी के कथित बयान के अनुसार, गुस्से में उसने महिला की डंडे से पिटाई कर दी।
बाद में जब वह खाना खाने के लिए संतोषी को उठाने पहुंचा तो वह मृत मिली। इसके बाद घबराकर आरोपी ने शव को बाड़ी में बने सेप्टिक टैंक में डाल दिया और वहां से फरार हो गया।
रक्षाबंधन पर घर नहीं पहुंची तो खुला मामला
रक्षाबंधन पर संतोषी के घर नहीं पहुंचने पर उसके भाइयों को संदेह हुआ। परिजनों ने मनोज से संपर्क किया तो उसने महिला के एक दिन पहले ही घर से चले जाने की बात कही। कई दिन तक उसका पता नहीं चलने पर परिजनों ने तलाश शुरू की।
मनोज के घर की बाड़ी में बने सेप्टिक टैंक का ढक्कन अधखुला मिला और वहां से दुर्गंध आ रही थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में टैंक खुलवाया, जहां से महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ।
पुलिस से बचने बदलता रहा ठिकाना
पुलिस की कार्रवाई शुरू होने के बाद मनोज पहले रायपुर पहुंचा। पुलिस को उसके रायपुर में होने की जानकारी मिली तो टीम वहां पहुंची, लेकिन वह चिरमिरी भाग गया। इसके बाद अंबिकापुर पहुंचने पर उसने मोबाइल फोन चालू किया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके बयान का पोस्टमार्टम, फोरेंसिक तथा अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है। महिला के चरित्र और अन्य लोगों से संबंधों को लेकर आरोपी द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।




