आदि शक्ति मां अम्बे के नौं रुपों की पूजा-अर्चना नवरात्रि में विधि-विधान से श्रद्धालु भक्त करते आ रहे हैं। वर्ष में शारदीय और चैत्र नवरात्रि में श्रद्धालु भक्तों के द्वारा ज्योति कलश प्रज्ज्वलित की जाती हैं। इस मंदिर की प्राचीनता व आस्था का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां के निवासी कई पीढ़ियों से विराजित मां सम्लेश्वरी को अपनी कुल देवी के रूप में पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं ।
शारदीय नवरात्र में मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाकर ज्योति कलश जलाया गया और महानवमी को राम बांधा तालाब,चांपा में ज्वारे को विसर्जित किया गया। इस अवसर पर राजपरिवार कुंवर भीवेद्र बहादुर सिंह देव जी, राज पुरोहित कृष्णा द्विवेदी के साथ शशिभूषण सोनी सहभागी बने।
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