रायपुर, 29 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, कृषि आदान आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा खेती की लागत में कमी लाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन तथा कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के कुशल प्रशासनिक नेतृत्व में प्रदेश के किसानों के हित में लगातार उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भारत सरकार के उर्वरक विभाग ने छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के कोमाखान और कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में दो नए रेलवे रैक पॉइंट से उर्वरकों की आवक एवं अनलोडिंग की अनुमति प्रदान की है। इस निर्णय से प्रदेश में उर्वरक परिवहन, भंडारण एवं वितरण व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में कृषि अधोसंरचना और उर्वरक आपूर्ति प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में खरीफ सीजन 2026 के लिए भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को कुल 15 लाख 55 हजार मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया गया था। इसमें 7.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 80 हजार मीट्रिक टन एमओपी, 2.50 लाख मीट्रिक टन एनपीके तथा 2 लाख मीट्रिक टन एसएसपी शामिल हैं।
लक्ष्य से अधिक भंडारण, राज्य में उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि
प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सहकारी एवं निजी क्षेत्रों के माध्यम से व्यापक स्तर पर भंडारण और वितरण की व्यवस्था की गई है। प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, 22 सितंबर 2026 की स्थिति में निर्धारित 15.55 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 17.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका था। यह निर्धारित लक्ष्य से लगभग 2.09 लाख मीट्रिक टन अधिक है। इसी अवधि में प्रदेश के किसानों को 13.14 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका था। लक्ष्य से अधिक भंडारण राज्य में उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उर्वरकों की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने प्रयास
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उर्वरकों के भंडारण, परिवहन और वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कोमाखान तथा कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में नए रेलवे रैक पॉइंट की अनुमति
इसी दिशा में महासमुंद जिले के कोमाखान तथा कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में नए रेलवे रैक पॉइंट की अनुमति विशेष महत्व रखती है। इन दोनों स्थानों पर उर्वरकों की रेलमार्ग से आवक एवं अनलोडिंग की सुविधा मिलने से आसपास के जिलों और विकासखंडों तक खाद पहुंचाने की व्यवस्था अधिक सुगम हो सकेगी। इससे उर्वरकों के परिवहन में लगने वाले समय और लागत में कमी आने की संभावना है। साथ ही दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में उर्वरकों की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायता मिलेगी।
उर्वरकों की मांग के अनुरूप आपूर्ति तथा परिवहन की कठिनाइयों को कम करने में मिलेगी मदद
विशेष रूप से महासमुंद, कांकेर तथा आसपास के कृषि क्षेत्रों के किसानों को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है। नए रैक पॉइंट से उर्वरकों की आवक होने पर क्षेत्रीय स्तर पर भंडारण और वितरण की व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकेगी। इससे कृषि सीजन के दौरान उर्वरकों की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा परिवहन संबंधी कठिनाइयों को कम करने में मदद मिलेगी।
किसानों को उर्वरकों के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करना
राज्य सरकार द्वारा उर्वरकों के संतुलित उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को परंपरागत रासायनिक उर्वरकों के साथ वैकल्पिक एनपीके, नैनो उर्वरक, जैविक खाद और हरी खाद के उपयोग के प्रति जागरूक करने की पहल की गई है। इसका उद्देश्य किसानों को उर्वरकों के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करना, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
सरकार किसानों की समृद्धि, कृषि उत्पादन में वृद्धि और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि, कृषि उत्पादन में वृद्धि और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता, पारदर्शी वितरण और कृषि संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है। महासमुंद और कांकेर में नए रेलवे रैक पॉइंट की अनुमति इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे छत्तीसगढ़ की उर्वरक आपूर्ति प्रणाली को मजबूती मिलने के साथ ही किसानों को आवश्यक कृषि संसाधन समय पर उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई गति मिलेगी




