PM Modi Dussehra Speech: अगली रामनवमी राममंदिर वाली! जातिवाद के खिलाफ संकल्प, दशहरा पर पीएम मोदी का 25 साल का ब्लू प्रिंट

दशहरा के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को द्वारका के रामलीला मैदान में आयोजित विजयदशमी पर्व में हिस्सा लिया. कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर, विपक्षी दलों के गठबंधन समेत अनेक मुद्दों पर बात की. उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है. हम हर साल रावण का दहन करते हैं. इसके बावजूद यह काफी नहीं है. देश को आगे ले जाने के लिए लोगों को 10 संकल्प भी लेने होंगे.

पीएम मोदी के 10 संकल्प 

  • पानी अनमोल है, इसलिए लोग ज्यादा से ज्यादा पानी बचाएं.
  • देश को आगे ले जाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को DIGITAL लेन देने के लिए प्रेरित करें
  • ज्यादा से ज्यादा लोगों को VOCAL FOR LOCAL अभियान से जोड़ें.
  • QUALITY काम करें और QUALITY PRODUCT बनाएं
  • पहले अपना पूरा देश देखेंगे, फिर समय मिले तो विदेश की सोचेंगे.
  • किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा जागरूक करेंगे.
  • हम SUPER FOOD MILLETS को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करेंगे.
  • हम सब योग – SPORTS – FITNESS को अपने जीवन में प्राथमिकता देंगे.
  • एक गरीब परिवार का सदस्य बनकर उसका समाजिक आधार बढ़ाएंगे.
  • स्वच्छता का संकल्प लेंगे और कहीं भी आसपास गंदगी नहीं होने देंगे.

‘अगली रामनवमी राम मंदिर वाली’

पीएम मोदी ने कहा कि अगली रामनवमी राम मंदिर वाली होगी. पीएम ने कहा है कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम राम मंदिर बनता देख पा रहे हैं. अयोध्या की अगली रामनवमी पर रामलला के मंदिर में गूंजा हर स्वर पूरे विश्व को हर्षित करने वाला होगा. भगवान राम का मंदिर सदियों की प्रतीक्षा के धैर्य का प्रतीक है. उस हर्ष के प्रतीक की कल्पना कीजिए, जब राम मंदिर की प्रतिमा विराजेगी.

‘भारत को पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा’

उन्होंने कहा कि भारत विश्व की सबसे बड़ी लोकतंत्र के साथ सबसे विश्वस्त लोकतंत्र बन रहा है. ये MOTHER OF DEMOCRACY है. अयोध्या में प्रभु श्रीराम विराजने जा रहे हैं, आजादी के 75 साल बाद भारत के भाग्य का उदय होने जा  रहा है, लेकिन यही वो समय भी है जब भारत को पहले से बहुत सतर्क रहना जरूरी है. हमें ध्यान रखना है कि आज रावण का दहन सिर्फ एक पुतले का दहन ना हो, ये दहन हो हर उस विकृति का जिससे समाज का सौहार्द बिगड़ता है. ये दहन उन शक्तियों का जो जातिवाद के नाम पर बांटने का कर रहे हैं. ये दहन हो उन विचारों का जिसमें भारत का विकास नहीं, सिर्फ स्वार्थ की सिद्धि है. सिर्फ रावण पर राम के विजय का पर्व नहीं है, राष्ट्र भक्ति का पर्व हो.

- Advertisement -
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -