Police Smriti Diwas : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार, 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। दोनों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर देश और प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस बल के योगदान तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों के बलिदान को याद किया गया।
चौथी वाहिनी परिसर में आयोजित हुआ कार्यक्रम
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। यह दिवस पुलिस बल के उन जवानों की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राण गंवाए।
छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस और सुरक्षा बलों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में अभियान चलाने पड़ते हैं। ऐसे क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान कई जवान शहीद हुए हैं। पुलिस स्मृति दिवस पर उनके योगदान को याद किया गया।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में जवानों की भूमिका
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग सहित नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बल लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। इन अभियानों में राज्य पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका रही है।
अभियानों के दौरान जवानों को दुर्गम जंगलों, कठिन रास्तों और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कर्तव्य के दौरान शहीद हुए जवानों का बलिदान पुलिस स्मृति दिवस का प्रमुख विषय है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर जवानों के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी भी रही। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में दोनों नेताओं के विस्तृत संबोधन या किसी नई घोषणा का उल्लेख नहीं है।
21 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?
भारत में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इसकी पृष्ठभूमि वर्ष 1959 की उस घटना से जुड़ी है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवान शहीद हो गए थे।
उन जवानों की स्मृति और देशभर में कर्तव्य के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों के सम्मान में यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन पुलिस संगठनों और सुरक्षा बलों की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।




