जांजगीर-चांपा, अक्टूबर 2026। ग्राम कुथुर निवासी सुश्री रीना बघेल के लिए घर की रसोई अब केवल परिवार की जरूरतें पूरी करने की जगह नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का माध्यम भी बन गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ने के बाद उन्होंने घर पर ही पापड़, बड़ी और बिजौड़ी बनाने का काम शुरू किया और अपनी मेहनत व हुनर को कमाई का जरिया बना लिया।
बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी घरेलू जिम्मेदारियों के साथ घर से ही काम करने का अवसर मिला। उन्होंने छोटे स्तर पर पापड़, बड़ी और बिजौड़ी बनाकर बिक्री शुरू की। धीरे-धीरे यह काम उनके लिए नियमित आय का माध्यम बनता गया और अब वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में अपना योगदान दे रही हैं। सुश्री रीना बताती हैं कि घर से काम करने के कारण वे परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ अपनी पसंद का काम भी कर पा रही हैं। अपने हाथों से तैयार किए उत्पादों की बिक्री से होने वाली आमदनी ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया है।
सुश्री रीना की कहानी बताती है कि अवसर घर की चौखट पर भी मिल सकता है। मेहनत, हुनर और सही मार्गदर्शन के साथ शुरू किया गया छोटा सा काम आज उनके लिए आर्थिक मजबूती और आत्मविश्वास की नई राह बन गया है।
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