Rustam Sarang Assistant Director : अनुभव को मिला सम्मान छत्तीसगढ़ शासन ने रुस्तम सारंग को सौंपी खेल विभाग की बागडोर, अब संवरेंगे प्रदेश के खिलाड़ी

खिलाड़ियों की पुरानी मांग हुई पूरी

रुस्तम सारंग को यह जिम्मेदारी उनकी खेल उपलब्धियों और लंबे अनुभव को आधार मानकर दी गई है। लंबे समय से राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर के खिलाड़ी यह मांग कर रहे थे कि सारंग जैसे अनुभवी खिलाड़ी की सेवाओं का लाभ सीधे तौर पर उभरते हुए एथलीटों को मिलना चाहिए। उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने इस नियुक्ति पर मुहर लगाकर खिलाड़ियों की इस मांग को अमलीजामा पहनाया है।

उपमुख्यमंत्री और शासन के प्रति जताया आभार

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद रुस्तम सारंग ने छत्तीसगढ़ शासन और खेल मंत्री के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है। सारंग का मानना है कि विभाग में रहकर वे जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने और खेल अधोसंरचना को बेहतर बनाने की दिशा में अधिक प्रभावी ढंग से काम कर पाएंगे। रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम और खेल संचालनालय में आज खेल अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

“एक खिलाड़ी जब प्रशासनिक पद पर आता है, तो वह एथलीटों की वास्तविक समस्याओं को बेहतर समझता है। रुस्तम सारंग का अनुभव छत्तीसगढ़ को नेशनल और इंटरनेशनल मेडल दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।”
— एक स्थानीय कोच, रायपुर

सहायक संचालक के रूप में रुस्तम सारंग की नियुक्ति से विभाग के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले वेटलिफ्टरों को अब एक ऐसा मार्गदर्शक मिला है जिसने खुद अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराया है। आने वाले दिनों में वे प्रदेश के विभिन्न खेल अकादमियों का दौरा कर सकते हैं और प्रशिक्षण मॉड्यूल में सुधार के लिए अपने सुझाव शासन को सौंपेंगे।

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