नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने पहलगाम हमले और आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से निशाना साधा।
जयशंकर ने अपने पूरे भाषण में एक बार भी पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान लगातार उसी दिशा में इशारा करते रहे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसे किसी भी तरह से सही ठहराया नहीं जा सकता।
इससे पहले शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने महासभा में बोलते हुए कई बार भारत का नाम लिया था। उन्होंने यहां तक कहा कि पाकिस्तान ने भारत के साथ युद्ध जीत लिया है और अब वह शांति चाहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने अपने संबोधन के जरिए आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त संदेश दिया है और वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति को आगे बढ़ाया है।



