कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग 16-17 सितंबर को हैदराबाद में हुई। इस मीटिंग में कांग्रेस के कई नेताओं ने मांग की है कि I.N.D.I.A गठबंधन के सहयोगियों के साथ सीट शेयरिंग पर चर्चा विधानसभा चुनावों के बाद की जाए। इन नेताओं को भरोसा है कि पार्टी 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में अच्छा परफॉर्म करेगी, जिससे वे सीट शेयरिंग के दौरान मजबूत स्थिति में रहेंगे।
न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह मांग करने वाले ज्यादातर नेता उन राज्यों से हैं, जहां कांग्रेस का सीधा मुकाबला I.N.D.I.A गठबंधन की दूसरी पार्टियों से है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन ने कहा कि सीट शेयरिंग के मामले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

माकन समेत कई नेताओं ने AAP का विरोध किया
पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन, प्रवक्ता अलका लांबा और प्रताप सिंह बाजवा समेत दिल्ली और पंजाब के कुछ नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) के व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आप नेता पार्टी पर हमले कर रहे हैं और पार्टी नेताओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
अजय माकन ने कहा कि आम आदमी पार्टी उन राज्यों में चुनाव लड़ने की घोषणा कर रही है, जहां कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में है। वहां AAP कांग्रेस नेताओं पर हमले कर रही है। उन्होंने मांग की कि यह बंद होना चाहिए।
पंजाब के नेता AAP के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि वे पंजाब में AAP के साथ गठबंधन करने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि वहां उनके नेताओं पर निशाना साधा जा रहा है। पार्टी हाईकमान ने इस मामले पर अलग से चर्चा करने की बात कही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आश्वासन दिया कि दूसरी पार्टियों के साथ सीट शेयरिंग पर चर्चा स्टेट यूनिट्स की सलाह पर ही की जाएगी।

अखिलेश-केजरीवाल सितंबर अंत तक चाहते हैं सीट शेयरिंग
I.N.D.I.A गठबंधन हर लोकसभा क्षेत्र में NDA के खिलाफ एक संयुक्त उम्मीदवार खड़ा करने की दिशा में काम कर रहा है। लेकिन इसमें कुछ दिक्कतें भी हैं। पंजाब, दिल्ली, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सीट शेयरिंग पर एक राय नहीं बन रही है। AAP के अरविंद केजरीवाल और SP के अखिलेश यादव चाहते हैं कि सितंबर अंत तक सीटों का बंटवारा हो जाए।
मीटिंग में पार्टी लीडरशिप ने कांग्रेस और I.N.D.I.A गठबंधन दोनों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। इस पर कुछ नेताओं ने कहा कि I.N.D.I.A गठबंधन को मजबूत बनाने में कांग्रेस को नुकसान नहीं होना चाहिए।


