- बड़ी राहत: अब उपभोक्ताओं पर जबरन नहीं थोपा जाएगा प्रीपैड सिस्टम।
- पावर प्ले: उपभोक्ता अपनी मर्जी से प्रीपैड या पोस्टपैड विकल्प का चुनाव कर सकेंगे।
- ऑफिशियल मुहर: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोकसभा में दी आधिकारिक जानकारी।
Smart Meter Postpaid Option , नई दिल्ली — बिजली उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐसी ‘राहत भरी पारी’ शुरू की है, जिसका इंतजार करोड़ों लोग कर रहे थे। स्मार्ट मीटर लगने के बाद प्रीपैड कनेक्शन की जो अनिवार्यता गले की फांस बनी हुई थी, उसे अब सरकार ने ‘डेड बॉल’ घोषित कर दिया है। अब यह पूरी तरह उपभोक्ता की पसंद पर निर्भर करेगा कि वह पहले पैसे चुकाना चाहता है या इस्तेमाल के बाद बिल भरना चाहता है।
लोकसभा में ‘मैच विनिंग’ बयान: मनोहर लाल खट्टर ने साफ की स्थिति
स्मार्ट मीटर को लेकर देशभर में उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा सुधार की है, जबरदस्ती की नहीं। उन्होंने सदन में जोर देकर कहा कि किसी भी नागरिक को प्रीपैड मोड के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए बड़ी जीत है जो प्रीपैड रिचार्ज की झंझट से बचना चाहते थे।
- नियम: स्मार्ट मीटर में दोनों तकनीकी विकल्प मौजूद रहेंगे।
- चॉइस: उपभोक्ता बिजली विभाग को आवेदन देकर अपना मोड बदलवा सकते हैं।
- पारदर्शिता: बिलिंग सिस्टम को और अधिक सटीक बनाने पर जोर।
“उपभोक्ता सर्वोपरि है। हम स्मार्ट मीटरिंग के जरिए सिस्टम को सुधार रहे हैं, लेकिन प्रीपैड व्यवस्था किसी पर थोपी नहीं जाएगी। चुनाव उपभोक्ता का होगा।” — मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री


