Monday, January 12, 2026

Smartphone Vision Syndrome : अंधेरे में मोबाइल देखने से बढ़ रहा है इस गंभीर आंखों की बीमारी का खतरा

Smartphone Vision Syndrome : अगर आपको भी रात में रजाई के अंदर मोबाइल चलाने की आदत है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।  अंधेरे में मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल आंखों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है और इससे ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

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क्या है ग्लूकोमा? क्यों कहा जाता है ‘साइलेंट थेफ्ट ऑफ साइट’

ग्लूकोमा को मेडिकल भाषा में “Silent Theft of Sight” कहा जाता है, क्योंकि यह बिना किसी शुरुआती लक्षण के धीरे-धीरे आंखों की रोशनी चुरा लेता है।इस बीमारी में आंखों के अंदर का दबाव (Intraocular Pressure) बढ़ जाता है, जिससे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है और समय पर इलाज न हो तो स्थायी अंधेपन का खतरा हो सकता है।

रजाई में मोबाइल चलाना क्यों बढ़ाता है खतरा?

 रात में अंधेरे में मोबाइल देखने से आंखों पर सीधा दबाव पड़ता है।

इसके मुख्य कारण:

  • अंधेरे में स्क्रीन की तेज रोशनी

  • मोबाइल से निकलने वाली ब्लू लाइट

  • आंखों का लगातार फोकस और झपकना कम होना

  • नींद का प्रभावित होना

ये सभी कारण मिलकर आंखों का दबाव बढ़ा सकते हैं, जो ग्लूकोमा के खतरे को बढ़ाता है।

ब्लू लाइट कैसे करती है नुकसान?

मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट:

  • नींद के हार्मोन मेलाटोनिन को प्रभावित करती है

  • आंखों में थकान, जलन और ड्रायनेस बढ़ाती है

  • लंबे समय तक इस्तेमाल से आंखों के नर्व्स पर असर डाल सकती है

नींद पूरी न होने से शरीर में तनाव बढ़ता है, जिसका सीधा असर आंखों के दबाव पर पड़ता है।

ग्लूकोमा के संभावित लक्षण (शुरुआत में नहीं दिखते)

ग्लूकोमा की सबसे बड़ी समस्या यही है कि शुरुआती दौर में इसके लक्षण नजर नहीं आते। बाद के चरणों में:

  • धुंधला दिखना

  • साइड से दिखना कम होना

  • आंखों में भारीपन

  • सिरदर्द और आंखों में दर्द

आंखों को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?

डॉक्टरों की सलाह के अनुसार कुछ आसान उपाय अपनाकर आंखों को सुरक्षित रखा जा सकता है:

  • सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल का इस्तेमाल बंद करें

  • अंधेरे में फोन चलाने से बचें

  • मोबाइल में ब्लू लाइट फिल्टर / नाइट मोड ऑन रखें

  • हर 6–12 महीने में आंखों की नियमित जांच कराएं

  • आंखों में जलन या दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

कौन लोग ज्यादा जोखिम में हैं?

  • जो लोग लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं

  • जिनके परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास है

  • डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज

  • 40 साल से अधिक उम्र के लोग

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