Sonu Dada Surrender: सुरक्षा बलों का दबाव काम आया, सोनू दादा समेत 60 नक्सली सरेंडर को हुए मजबूर

Sonu Dada Surrender कांकेर/गढ़चिरौली | 14 अक्टूबर 2025| छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। मोस्ट वांटेड नक्सली नेता मोझुल्ला उर्फ भूपति उर्फ सोनू दादा ने रविवार को लगभग 60 अन्य नक्सलियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। यह आत्मसमर्पण महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में हुआ, जिसे सुरक्षा बलों और सरकार की एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।

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सोनू दादा पर था 1.5 करोड़ का इनाम

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सोनू दादा नक्सल नेटवर्क का प्रमुख कैडर था और वह छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र के जंगलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। उस पर ₹1.5 करोड़ का इनाम घोषित था और वह कई बड़ी मुठभेड़ों तथा हमलों का मास्टरमाइंड रहा है।

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सरेंडर के साथ संगठन में दिखी फूट

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आत्मसमर्पण के दौरान सोनू दादा ने सरकार के पुनर्वास नीति और आत्मसमर्पण योजना के तहत हथियार डालने की इच्छा जताई। उसके फैसले के बाद नक्सली संगठन के अंदर गंभीर मतभेद और फूट देखी गई है। माना जा रहा है कि यह आत्मसमर्पण नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका है।

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