कोरबा, 07 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ एवं पीवीटीजी बाहुल्य क्षेत्रों का दौरा कर सड़क एवं स्वास्थय सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण करते हुए कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन एवं एसडीएम श्री मनोज कुमार भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्राम सरमा से पसान मार्ग का निरीक्षण किया। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पाए जाने पर उन्होंने एसईसीएल रानी अटारी के अधिकारियों को तत्काल गड्ढों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर अधिकांशतः कोयला परिवहन करने वाले वाहनों की आवाजाही होती है, ऐसे में ग्रामीणों के आवागमन की सुविधा और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने सड़क पर मौजूद सभी गड्ढों को शीघ्र ठीक कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीवीटीजी बाहुल्य ग्रामों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए पीएम जनमन योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और सड़कों का निर्माण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने लैंगा से सेमरा-सैला-जिल्दा तक निर्माणाधीन 14.30 किलोमीटर सड़क का निरीक्षण करते हुए कार्य की प्रगति की जानकारी ली तथा इसे 15 नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में कलेक्टर ने पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के अंतर्गत कटोरी नगोई-केशलपुर मार्ग पर 6.90 किलोमीटर लंबी पीएमजीएसवाई सड़क का भी अवलोकन किया। रेलवे लाइन के अंतर्गत आने वाले हिस्से में सड़क का कार्य अधूरा पाए जाने पर उन्होंने संबंधित रेलवे अधिकारियों से समन्वय कर शेष कार्य को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सके।
पसान स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण
कलेक्टर श्री दुदावत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पंजीयन कक्ष, प्रसव कक्ष,मरीज वार्ड, दवा वितरण कक्ष एवं स्टोर रूम का अवलोकन किया।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेते हुए मरीजों को प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग शासकीय स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को समय पर सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की सूची की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उनके उपचार, चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाइयों एवं भोजन की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने प्रसव उपरांत माताओं को सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रोटीनयुक्त पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थय सेवाओं की उपलब्धता और उनकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीणों को बेहतर उपचार के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.



