ट्रेनिंग के दौरान रडार से टूटा संपर्क, जंगल में मिला मलबा
वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, विमान ने सुबह प्रशिक्षण के लिए उड़ान भरी थी। जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के घने जंगलों के ऊपर विमान का संपर्क रडार से टूट गया। जब निर्धारित समय तक विमान वापस नहीं लौटा, तो तुरंत बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। घंटों की तलाश के बाद बचाव दल को पहाड़ी और जंगली इलाके में विमान का मलबा मिला। वायुसेना ने हादसे के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (CoI) के आदेश दे दिए हैं।
शहीद पायलटों की पहचान और आधिकारिक बयान
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों अधिकारी वायुसेना के अनुभवी पायलटों में शुमार थे। स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर की शहादत से वायुसेना में शोक की लहर है। घटनास्थल पर वायुसेना के विशेष दस्ते और स्थानीय पुलिस की टीम पहुंच चुकी है। शवों को सम्मानपूर्वक निकालने और एयरबेस तक लाने की प्रक्रिया जारी है।
“भारतीय वायुसेना बड़े दुख के साथ पुष्टि करती है कि सुखोई Su-30MKI के दुर्घटनाग्रस्त होने से हमने अपने दो जांबाज अधिकारियों को खो दिया है। वायुसेना शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है।”
— वायुसेना प्रवक्ता, रक्षा मंत्रालय
हादसा स्थल कार्बी आंगलोंग का एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ पहुंचना बेहद कठिन है। खराब मौसम और घने पेड़ों के कारण वायुसेना के ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर को भी लैंड करने में चुनौती का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने धुएं का गुबार उठते देख पुलिस को सूचित किया था। फिलहाल, सेना ने क्रैश साइट के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया है ताकि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न हो। विमान के ब्लैक बॉक्स की तलाश की जा रही है, जिससे क्रैश के अंतिम पलों की जानकारी मिल सके।


