क्या है पूरा मामला
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थिया थाना आकर लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 02 वर्ष पहले पफेसबुक के माध्यम से उसकी दोस्ती एक अज्ञात व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने फोन पर बातचीत कर भरोसा जीता और पीड़िता का अर्धनग्न फोटो/विडियों को वाट्सअप के माध्यम से लिया बाद में पैसे की मांग करने लगा। मना करने पर आरोपी ने अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। डर के कारण पीड़ित ने आरोपी के बताए गए खाते में 2500 रुपये ट्रांसफर करना। आरोपी द्वारा कॉल कर दोबारा पैसे मांग करने पर पीडिता द्वारा मना करने पर आरोपी ने पीड़ित और उसके परिवार के व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक फोटो / वीडियो भेज दिए। रिपोर्ट पर IT अधिनियम की धारा 6 (ए) एवं BNS की सबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय प्रफुल्ल कुमार ठाकूर (भा.पु.से.) जिला सक्ती दिये गये निर्देश पर अति. पुलिस अधीक्षक महोदय श्री पंकज पटेल तथा श्रीमान अनु अधि. पुलिस डमरा श्रीमान सुमित गुप्ता के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी चन्द्रपुर जितेन्द्र कोसले द्वारा विवेचना के दौरान आरोपी मनोज कुमार देवागंन को दिनांक 14.07.2026 विधिवघ् गिर कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
श्रीमान पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकूर (भा.पु.से.) के द्वारा जनता से अपील
सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती कर ब्लैकमेल करना गंभीर अपराध है। IT एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील है कि वे अनजान लोगों को निजी फोटो/वीडियो न भेजें और किसी भी तरह की साइबर ठगी की सूचना तुरंत 1930 या नजदीकी थाने में दें।
मामले में निरीक्षक जितेन्द्र कोसले थाना प्रभारी चन्द्रपुर एवं सउनि रामकुमार रात्रे, प्र०आर० राम गिलास लहरे, राजेश पैकरा, आर. राधेश्याम बरेठ, खगेश्वर साहू, गणेश साहू, म.आर बबीता सिदार की सराहनीय भूमिका रही।
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