जिला कोरबा के बांकीमोंगरा क्षेत्र में कल दिनांक 22/10/26 को देर रात लगभग 1-2 बजे गैंगवार हमले की घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शांतिनगर निवासी कुणाल आजाद (21 वर्ष), पिता संजय आजाद, की शिकायत के अनुसार, 22 अक्टूबर की रात फोन पर गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद देर रात हिंसक रूप लेने की कोशिश तक पहुंच गया। आरोप है कि रात करीब 1 से 2 बजे के बीच 15 से अधिक युवक 10 से 15 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पहुंचे और डंडे, लोहे की रॉड, चाकू तथा तलवार जैसे हथियारों से हमला करने का प्रयास किया। जहां कुणाल ने भागकर अपनी जान बचाई, और घटना की शिकायत बांकीमोंगरा थाने में दर्ज कराई गई है।
मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 220/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 296, 351(3), 109(1), 189(1), 189(2), 189(4) एवं 190 में अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस के अनुसार, दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
फोन पर गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद, फिर आधी रात पहुंची भीड़!
शिकायत में कुणाल आजाद ने बताया कि 22 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे किसी व्यक्ति ने फोन पर उन्हें गाली-गलौज की। उन्होंने फोन को स्पीकर पर रखकर वहां मौजूद लोगों को भी बातचीत सुनाई और घर जाकर परिजनों को इसकी जानकारी दी।
शिकायत के मुताबिक, इसके बाद रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच बड़ी संख्या में युवक मोटरसाइकिलों पर सवार होकर उनके घर के पास पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने डंडे, रॉड, चाकू और तलवार से हमला करने की कोशिश की। जान बचाने के लिए कुणाल को वहां से भागना पड़ा।
आवाजाही और शोरगुल के बीच मोहल्ले के सेवक राम साहू, विकास सिंह, हर्षित गुप्ता, करण देवांगन, आकाश सिंह, सत्यमेव सहित अन्य स्थानीय लोग और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। शिकायत के अनुसार, लोगों ने युवकों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे पांच मोटरसाइकिलें छोड़कर भाग निकले। मौके पर दो युवकों को पकड़ने की बात भी शिकायत में कही गई है।
दो आरोपी हिरासत में, बाकी पर कार्रवाई का इंतजार!
इस मामले में रौनक सिंह राजपूत, निवासी प्रेम नगर कुसमुंडा, और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया। शिकायत में राहुल यादव, निवासी चुनचुनी कॉलोनी, तथा विक्रम यादव उर्फ बम, निवासी चुनचुनी, सहित अन्य साथियों के नाम भी सामने आए हैं। इन सभी के संबंध में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
मामले में शिकायत दर्ज कराने प्रार्थी के पिता एवं ब्लॉक कांग्रेस बांकीमोगरा अध्यक्ष संजय आजाद समेत प्रदेश स्तरीय कांग्रेस नेतागण और क्षेत्रीय कांग्रेस नेतागण थाना पहुंचे।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दो आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं, तो उनसे पूछताछ में अन्य संभावित आरोपियों के संबंध में क्या जानकारी मिली, यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आई है, तो उसकी गिरफ्तारी के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। पुलिस की ओर से शेष आरोपियों की तलाश किए जाने की बात कही गई है, लेकिन कार्रवाई की समयसीमा और जांच की प्रगति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है।
पांच मोटरसाइकिलें भी जांच का अहम सुराग
शिकायत में पांच मोटरसाइकिलें घटनास्थल पर छोड़ कर भागने की बात बताई गई है। ऐसे में इन वाहनों के पंजीकरण नंबर, स्वामित्व और इस्तेमाल करने वालों की जांच आरोपियों तक पहुंचने में अहम कड़ी साबित हो सकती है। पुलिस ने इन वाहनों के संबंध में क्या कार्रवाई की है और क्या इनके आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है, यह स्पष्ट होना बाकी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दर्री सीएसपी विमल पाठक के बांकीमोंगरा थाना पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी लेने पहुंचे साथ ही मामले पर जल्द से जल्द जांच कर आरोपियों को हिरासत में लेने की निर्देश भी दिए गए है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम के पहुंचने और साक्ष्य जुटाने गया । अब जांच की दिशा, जब्त वाहनों की स्थिति और अन्य आरोपियों की तलाश को लेकर पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
बांकीमोंगरा में बढ़ती ऐसी घटनाएं चिंता का विषय!
इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े है। स्थानीय स्तर पर ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बीच सवाल उठ रहा है कि विवादों और आपराधिक गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है।
यदि किसी क्षेत्र में बार-बार हिंसक विवादों की शिकायतें सामने आती हैं, तो उनकी गंभीरता से जांच, संवेदनशील इलाकों में निगरानी और दोषियों के विरुद्ध समयबद्ध कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। हालांकि, बांकीमोंगरा में ऐसी घटनाओं की वास्तविक संख्या और पुलिस की पिछली कार्रवाई के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि होना भी जरूरी है।
घटनास्थल पर पुलिस द्वारा मौके पर दो चाकू व एक डंडा भी जप्त किया है।
अब देखना होगा कि जांच के बाद इस मामले के तार कहा जुड़ते है, फिलहाल क्षेत्र में इस घटना के बाद अलग अलग तरह से चर्चा हो रही है, साथ ही मामले में कुछ नामचीन लोगों के नाम भी चर्चाएं में शामिल है।
अब पुलिस से सीधे सवाल हैं— दो हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ में क्या सामने आया, पांच मोटरसाइकिलों की जांच कहां तक पहुंची, नामजद बताए गए अन्य संदिग्धों की तलाश में क्या कदम उठाए गए हैं, और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस की आगे की रणनीति क्या है।
क्षेत्रवासियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच, प्रभावी कार्रवाई और सुरक्षा का भरोसा चाहिए। मामले में सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करना पुलिस के लिए अहम चुनौती है।




