LPG-OiL News: सौ बात की एक बात ये कि पाकिस्तान में तेल की खोज की ख़बर तो लोगों ने देखी लेकिन ये भी तो देखना है कि तेल आख़िर कितना खोजा गया है वहां पर? और कहां मिला है? क्योंकि पब्लिक को ये भी लग रहा है कि अगर वहां तेल मिल गया है तो क्या भारत में भी बॉर्डर के इलाक़े में निकल सकता है? क्योंकि बॉर्डर तो ज़मीन पर है. और तेल तो ज़मीन के नीचे होता है. तो पहले तो ख़बर को समझ लेते हैं. ख़बर ये है कि पाकिस्तान ने सांघड़ में तेल मिलने की घोषणा की है. पाकिस्तान में तो लोग ख़ुश हैं ही ज़ाहिर सी बात है. इधर भारत में भी इसको लेकर उत्सुकता है. पाकिस्तान की सरकारी कंपनी है OGDCL ऑयल ऐंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड. जैसे हमारे यहां ऑयल इंडिया लिमिटेड है, वहां की ये सरकारी कंपनी है OGDCL. और उसने बताया है कि वहां के सिंध प्रांत में सांघड़ ज़िले में ‘बॉबी डीप-1’ नाम के कुएं में तेल और गैस मिला है. अभी जो टेस्टिंग हुई है तो कहा जा रहा है कि रोज़ाना वहां से 2000 बेरल तेल और 11 लाख क्यूबिक फ़ीट गैस निकल रही है. ये उस इलाके में इस तरह की पहली बड़ी खोज है.
पाकिस्तान भी भारत की तरह अपना बहुत तेल आयात करता है. इसलिए ये खबर उसके लिए राहत की ही है. लेकिन जैसे ही भारत के बॉर्डर के इलाक़े के लोगों ने नाम सुना सांघड़ तो भारत में भी उत्सुकता बढ़ गई. क्योंकि यहां की पब्लिक तो ज़्यादा जानती नहीं पाकिस्तान के इलाक़ों के बारे में. पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान, ख़ैबर पख़्तूनख़्वा, बस ये नाम सुने हुए हैं लोगों ने जो वहां के प्रांतों के नाम हैं. लेकिन सिंध में सांघड़ कहां है ये यहां ज़्यादा लोग नहीं जानते. बस बॉर्डर वाले लोगों को थोड़ा आइडिया है. क्योंकि ये सिंध का सांघड़ जो है वो भारत के बॉर्डर पर ही है. सांघड़ सिंध प्रांत में है, लेकिन सिंध की राजधानी कराची से क़रीब 200-250 KM दूर है. सिंध पाकिस्तान का दक्षिणी प्रांत है, जो राजस्थान की सीमा से लगा हुआ है. और सांधड़ से राजस्थान की सीमा काफ़ी क़रीब है. वहां से जैसलमेर और बाड़मेर वगैरह काफ़ी क़रीब हैं. कुछ सौ किलोमीटर की ही दूरी पर हैं. थार रेगिस्तान दोनों तरफ फैला हुआ है.
पाक में मिला तो क्या भारत में मिलेगा तेल?
दोनों देशों की सीमा पर थार का रेगिस्तानी इलाका एक ही भू-भाग है. इसलिए भूवैज्ञानिक रूप से दोनों तरफ की जमीन और चट्टानें काफी मिलती-जुलती हैं. तो आम लोगों के ज़हन में तो यही सवाल आया कि फिर क्या राजस्थान में तेल होने की संभावना नहीं बढ़ जाती? अगर पाकिस्तान की तरफ तेल मिला, तो भारत की तरफ भी एक ही भू-संरचना में तेल-गैस हो ही सकती है. विशेषज्ञ कहते हैं कि दोनों तरफ की रेत के नीचे की चट्टानें पुरानी हैं और तेल-गैस जमा करने वाली हो सकती हैं. लेकिन हक़ीक़त तो ये है कि भारत को वहां तेल पहले ही मिल चुका है और निकाला भी जा रहा है. ध्यान दीजिए कि पाकिस्तान सांघड़ में कितना तेल निकलने की बात कह रहा है? 2000 बैरल रोज़ तेल निकलने की बात की है पाकिस्तान ने. तो ऐसे तो सुनने में 2000 बैरल रोज़ का बहुत ज़्यादा लगता है. लेकिन ये भी तो देखना होगा कि पाकिस्तान में रोज़ की तेल की खपत कितनी है? 5 लाख बैरल. जी, रोज़ पाकिस्तान को 5 लाख बैरल तेल चाहिए होता है. और सांघड़ में कितना निकलने की बात हो रही है? 2000 बेरल रोज़.
पाकिस्तान रोज कितना निकालेगा तेल?
तो अब आप ख़ुद ही हिसाब लगा लो कि कितना निकालेगा और कितना निचोड़ेगा? राजस्थान में बाड़मेर में पहले ही तेल निकल चुका है. और निकाला जा रहा रोज़. लेकिन भारत में खपत भी तो देखिए. भारत में रोज़ाना लगभग 55 लाख बैरल तेल की खपत होती है. और ये सारा बाहर से नहीं आता. भारत में भी तेल निकलता है. हम ख़ुद 9-10 लाख बैरल रोज़ाना पैदा करते हैं. रोज़ाना 9-10 लाख बैरल. यानी हम पाकिस्तान की पूरी ज़रूरत का दुगना तेल तो अपने यहां ही पैदा कर लेते हैं. क्योंकि पाकिस्तान को तो रोज़ 5 लाख बैरल ही चाहिए. लेकिन हमें चाहिए होता है रोज़ 55 लाख बैरल. इसलिए हम अपना 10 लाख बैरल भी निकाल लें, तब भी हमें 45 लाख बैरल तो बाहर से मंगाना ही पड़ता है. तो ऐसा नहीं कि हमारे पास तेल नहीं. लेकिन हमारी ज़रूरतों के हिसाब वो काफ़ी कम है. और हमें अपनी ज़रूरत का 85% तेल हमें विदेश से खरीदना पड़ता है. और राजस्थान के बाड़मेर में जो मंगला का ऑयलफ़ील्ड है, वहां से हम रोज़ाना 80,000 बैरल तेल निकाल रहे हैं. और बाक़ी भी आसपास के राजस्थान के इलाक़े से जो तेल हम रोज़ निकाल रहे हैं वो हो जाता है क़रीब 2 लाख बैरल रोज़ का.
पाकिस्तान को सांघड़ से कितना रोज तेल मिलेगा?
और पाकिस्तान को जो उसी के पास अपने बॉर्डर के अंदर सांघड़ में जो तेल मिला है उसके बारे में वो कह रहा है कि वहां से 2000 बैरल रोज़ निकलेगा. तो समझेx आप? हम पहले से वहां से 2 लाख बैरल निकाल रहे हैं. पाकिस्तान में तो 2000 बैरल ही मिला है अभी सिंध के सांघड़ के ‘बॉबी डीप-1’ कुएं से. आगे और निकल जाए वहां से, वो तो अलग बात है, लेकिन अभी जो पाकिस्तान ने घोषणा की है तेल मिलने की उसकी असलियत ये है कि वो इधर की तरफ़ के मुक़ाबले कुछ भी नहीं. हां इस बात से ज़रूर ख़ुश हो जाना चाहिए कि उस तरफ़ भी निकल आया है तो इस तरफ़ भी और संभावनाएं हो सकती हैं. और हमारी भी कंपनियां भी खोज में तो लगी रहती हैं, तो उनको भी कुछ सुराग़ मिल जाएंगे, उस तरफ़ की खोज से ताकि वो यहां की भी संभावनाएं तलाशें. बल्कि इससे ज़्यादा बड़ी ख़बर तो वो है जो अंडमान की तरफ़ से आई है. OIL ने यानी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अंडमान के समुद्र में विजयापुरम-3 नाम के कुएं में भी गैस की खोज की घोषणा की है.
अंडमान के समंदर में गैस का भंडार
पहले पास में ही विजयापुरम-2 में गैस मिली थी. अब वियजापुरम-3 में भी मिली है. ये तट से 15 km दूर, 355 मीटर पानी की गहराई में है. 1900 मीटर से नीचे निरंतर गैस निकल रही है. अंडमान बहुत पुराना और गहरा समुद्री क्षेत्र है. आस-पास म्यांमार और इंडोनेशिया में पहले से कई जगह समुद्र में गैस मिल चुकी है और निकाली जा रही है. इसलिए भारत को उम्मीद थी कि यहां भी गैस हो सकती है. पहले विजयापुरम-1 कुआं देखा गया था, लेकिन वो सूखा निकला था, लेकिन फिर दूसरा और अब ये तीसरा कुआं देखा गया तो खोज सफल रही है. ये ऑयल इंडिया लिमिटेड ने खोज की है. दूसरी सरकारी कंपनी ONGC भी यहां गहरे पानी में खोज कर रही है और उसको भी कुछ गैस होने के संकेत मिले हैं. गैस की मात्रा और कितने साल तक चलेगी, इसका पूरा आकलन अभी चल रहा है.
असल बाजी तो भारत ने मारी है
विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर बड़े पैमाने पर गैस निकली तो 2030 तक उत्पादन शुरू हो सकता है. भारत रोजाना बहुत गैस आयात करता है. लगभग 50% हमारी गैस बाहर से आती है। यानी आधी हमारी अपनी है, आधी बाहर से मंगानी पड़ती है. लेकिन ये खोज इसलिए अहम है क्योंकि अब तक अंडमान क्षेत्र में काफ़ी कम खोज की गई थी. अब साबित हो रहा है कि यहां तेल-गैस का भंडार हो सकता है. भारत की कुल गैस की ज़रूरत तो लगातार बढ़ती ही जा रही है. उद्योग के लिए गैस चाहिए, गाड़ियों के लिए CNG चाहिए, घरों के लिए PNG चाहिए. तो ये खोज फिर और खोज को बढ़ावा देगी, ज्यादा कंपनियां आएंगी तेल और गैस खोजने यहां पर, और वो नई तकनीक भी लाएंगीं खोज करने की. इसलिए अंडमान में गैस मिलना भारत के लिए बड़ी खबर है. ये पहला बड़ा संकेत है कि वहां के गहरे समुद्र में और गैस मिल सकती है. इसलिए बॉर्डर के उस तरफ़ तो जो है सो है, असली कहानी तो समुद्र में इस तरफ़ है. सौ बात की एक बात.


