Friday, January 2, 2026

बिजली सप्लाई सिस्टम में साइबर अटैक के खतरे से निपटने हुई कार्याशाला

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के मुख्यालय में स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में ग्रिड आपरेशन पश्चिम क्षेत्रीय साइबर सिक्यूरिटी को-आर्डिनेशन फोरम कार्यशाला हुई, जिसमें साइबर हमले से ग्रिड प्रणाली को बचाने के उपायों पर चर्चा की गई। इसमें विभिन्न राज्यों के लोड डिस्पैच सेंटर के अधिकारियों ने साइबर अटैक को रोकने के लिए अपने यहां किये जा रहे उपायों पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ में इस तरह के खतरे से निपटने के लिए क्रिटिकल इंफ्रमेशन इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम डेवल किया जा रहा है, जिसके तहत साइबर कानूनों का गजट नोटिफिकेशन किया गया है तथा स्काडा सिस्टम, सर्वर और बैकअप लोड डिस्पैच सेंटर तैयार किया गया है।

स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर रायपुर में 12 एवं 13 सितंबर को साइबर सिक्यूरिटी को-आर्डिनेशन फोरम की तीसरी बैठक हुई, जिसका शुभारंभ ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री आरके शुक्ला ने किया। उन्होंने साइबर सिक्युरिटी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला एवं साइबर सिक्युरिटी से उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार की चुनौतियों के प्रति अपनी चिन्ता जाहिर किया और इन चुनौतियों से निपटने के लिये तीन प्रमुख बिन्दुओं परस्पर सहयोग, नवाचार एवं पुर्नप्राप्ति क्षमता पर विशेष जोर देते हुए अपने महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।

इस कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन भार प्रेषण केन्द्र के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी श्री कोमल सिंह मनोठिया व्दारा किया गया, उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में नई तकनीक से वन नेशन, वन ग्रिड से बिजली सप्लाई की जा रही है, ऐसे में पूरा सिस्टम कंप्यूटराइज्ड और आनलाइन रहता है। इसमें विदेशी हैकर साइबर हमला कर देते हैं, जिससे बचने के लिए सुरक्षा और सर्तकता आवश्यक है। यूक्रेन में इस तरह से विद्युत सप्लाई बाधित कर दी गई थी। हमारे यहां साइबर हमले से ग्रिड सुरक्षित रहे, इसके लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है। इसके तहत क्रिटिकल इंफरमेशन इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम तैयार किया गया है। इसके तहत हर साल आईटी और आपरेशन टेक्नालाजी की साइबर आडिट कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि हमें समय से पूर्व पता लग सके कि कहां से साइबर अटैक हो सकता है और उसे रोका कैसे जा सकता है।

पश्चिम क्षेत्रीय भार प्रेषण केन्द्र मुम्बई के कार्यपालक निदेशक और फोरम के अध्यक्ष श्री वी बालाजी एवं ग्रिड इंडिया नई दिल्ली के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी श्री एस बनर्जी ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यशाला में एनसीआईआईपीसी मुम्बई के निदेशक श्री ललित कुमार मीणा भी वर्चुवली जुडे़ रहे। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ के अतिरिक्त पश्चिम क्षेत्र के विभिन्न घटक राज्यों महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गोवा, दमन एवं दीव इत्यादि के प्रतिनिधियों सहित छत्तीसगढ़ के तीनों पावर कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने प्रमुखता से भाग लिया।

कार्यशाला में ग्रिड इंडिया दिल्ली से आये श्री एबी सेनगुप्ता ने आईएसओ 27001/270019 के ऊपर सरल भाषा में विस्तृत व्याख्यान दिया, जिसे
काफी सराहा गया। महाराष्ट्र से आये प्रतिनिधि श्री नितीन पाऊनिकर ने साइबर आडिट के कार्यक्षेत्र के विभिन्न पहलुओं पर सारगर्भित प्रकाश डाला। कार्यशाला के दूसरे दिन मध्यप्रदेश से आये प्रतिनिधि श्री राजीव सिन्हा ने रेन्सम रिकव्हरी और इससे बचने के उपायों सहित साइबर सिक्युरिटी से संबंधित चुनौतियों से क्रमबद्ध तरीके से निपटने के उपायों पर जानकारी प्रदान की।

इसके पश्चात् पश्चिम क्षेत्रीय भार प्रेषण केन्द्र मुम्बई के मुख्य महाप्रबंधक श्री महेश मेंहन्दाले ने साइबर घटना प्रतिक्रिया पर संगठित रणनीतिक दृष्टिकोण पुर्नप्राप्ति समय के प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन कार्यपालन अभियंता श्री जीपी सिंह ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में श्री मनोज रावटे एवं श्री केतन मिश्रा का विशेय योगदान रहा।

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