ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन के खिलाफ वहां जारी हिंसक आंदोलन के बीच सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. जहां अमेरिका के राष्ट्रपति वहां की सरकार को हत्यारा कह रहे हैं, इसी बीच ईरान नेशनल सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने अमेरिका और इजरायल पर ही सीधा आरोप लगा दिया है. उन्होंने कहा है कि ईरानी जनता की मौतों के लिए सबसे ज़म्मेदार वही हैं. लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का नाम लेते हुए कहा कि इन्होंने ही हालात बिगाड़े हैं.
सरकारी आंकड़ों और मानवाधिकार संगठनों के दावों के मुताबिक पूरे ईरान में फैले विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 2400 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है. लारीजानी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ ही घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने की अपील की थी.
‘ईरानियों के हत्यारे हैं ट्रंप-नेतन्याहू’
ईरान की संसद के पूर्व अध्यक्ष और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिये अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने लिखा कि ईरान के लोगों की हत्याओं के लिए दो लोग दोषी हैं – पहला डोनाल्ड ट्रंप और दूसरा बेंजामिन नेतन्याहू



