कोरबा 18 नवंबर 2025/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के निर्देशानुसार माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम- 2007 के संबंध में सियान सदन कोरबा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वरिष्ठ नागरिकों को उनके संवैधानिक, अधिकारां, सुरक्षा कानूनों पर विस्तार से जानकारी दी गई वरिष्ठजनों ने न्यायाधीशों को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। 1- श्री जयदीप गर्ग, विशेष न्यायाधीश ¼ST/SC Atrocities Act½] 2- श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, 03-सुश्री डॉली ध्रुव, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी 04-श्रीमती सोनी तिवारी, प्रथम अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, 5- सुश्री कुमुदनी गर्ग न्यायायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा, 6-सुश्री त्राप्ति- तृतीय व्यवहार न्यायिक न्यायाधीश, कनिष्ठ श्रेणी,कोरबा, 7-सुश्री ग्रेसी – प्रथम अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ श्रेणी कोरबा न्यायाधीशगण उपस्थित रहे।
श्री जयदीप गर्ग, विशेष न्यायाधीश ¼ST/SC Atrocities Act½ ने उद्बोधन में बताया कि डिजीटल गिरफ्तारी एक धोखाधडी अपराध है जिसमें कानून तोडने का झूठा आरोप लगाया जाता है जो खुद को सीमा शुल्क आयकर विभाग या केन्द्रीय जॉच अधिकारी बताते है उसके नाम पर रिहा करने फिरोती की मांग की जाती है पैसा ऐठने की कोशिश करते है। डिजीटल एरेस्ट तोडने के संबंध में बच्चों के नाम पर झूठी धमकियॉ दी जाती है बेटे ने गलती कर दी है, पैसे दे नही ंतो ………, पीछे से रोने-चिखने की आवाज सुनाई जाती है। इस प्रकार की घटनाये फ्रांड होती है इनसे बचना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं नगर निगम पालिक निगम कोरबा की संयुक्त पहल ने वरिष्ठजनों की आवाज को दी कानूनी ताकत
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