कोरबा। छत्तीसगढ़ के ऊर्जा नगरी कोरबा में रेल सुविधाओं की कमी को लेकर एक बार फिर आवाज उठने लगी है। इस बार रेल यात्री एकता परिषद ने रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर नर्मदा एक्सप्रेस को बिलासपुर से आगे बढ़ाकर कोरबा तक चलाने की मांग की है। परिषद का कहना है कि इससे यात्रियों, व्यापारियों और छात्रों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी।
कोरबा में रेल सुविधाओं की कमी
कोरबा जिले में रेल कनेक्टिविटी लंबे समय से सीमित रही है। यहां से मुख्य रूप से रायपुर–नागपुर रूट के लिए ही सीधी ट्रेन सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में जिन यात्रियों को रायगढ़ या कटनी की ओर यात्रा करनी होती है, उन्हें पहले बिलासपुर या चांपा जाकर ट्रेन बदलनी पड़ती है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नर्मदा एक्सप्रेस विस्तार से मिलेगी राहत
परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि गाड़ी संख्या 18233/18234 नर्मदा एक्सप्रेस फिलहाल बिलासपुर से इंदौर के बीच नियमित रूप से संचालित होती है। अगर इस ट्रेन को कोरबा तक विस्तार दिया जाता है तो ऊर्जा नगरी के व्यापारियों, छात्रों और आम यात्रियों को कटनी रूट पर सीधी ट्रेन सुविधा मिल सकेगी।
बिलासपुर यार्ड में खड़ा रहता है रैक
परिषद ने अपने पत्र में यह भी तर्क दिया है कि इंदौर से बिलासपुर आने के बाद नर्मदा एक्सप्रेस का रैक करीब 20 घंटे तक यार्ड में खड़ा रहता है, जबकि इसके मेंटेनेंस में केवल 6 घंटे लगते हैं। यानी लगभग 14 घंटे तक ट्रेन का कोई उपयोग नहीं होता। ऐसे में इसे कोरबा तक चलाने से रेलवे को कोई अतिरिक्त परेशानी नहीं होगी।
यात्रियों को करनी पड़ती है दौड़भाग
वर्तमान में कोरबा से इंदौर या कटनी रूट की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुबह 8:15 बजे रायपुर पैसेंजर या 6:30 बजे हसदेव एक्सप्रेस से निकलकर पहले बिलासपुर पहुंचना पड़ता है। वहीं वापसी में इंदौर से आने वाली नर्मदा एक्सप्रेस जब बिलासपुर पहुंचती है, उस समय कोरबा के लिए कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं होती। यात्रियों को करीब तीन घंटे इंतजार करना पड़ता है, जिसके बाद शाम करीब 5:30 बजे मेमू लोकल मिलती है।


