Saturday, February 14, 2026

रिश्तों में कभी-भी ना आएं दुरी, इसलिए अजय अग्रवाल ने थैले में अमरुद रस भरी

न्यूज़ जांजगीर-चांपा । मनुष्य का प्रकृति से अद्भुत संबंध रहा हैं । हरे-भरे वृक्ष और लहलहाते पेड़-पौधे चाहे बच्चे हो या बूढ़े सभी लोगों को आकर्षित करते हैं और यदि फल दे तो क्या कहना,सोने में सुहागा जैसा ही हैं । भले ही हमारे पास जगह ना हो लेकिन जरा-सी जगह पर पेड़-पौधे उगाकर उनसे वर्षों तक खट्टे-मीठे और स्वादिष्ट फलों का आनंद ले सकते हैं और यह कर दिखाया हैं वयोवृद्ध रोशनलाल अग्रवाल ने । दैनिक समाचार-पत्रों से सम्बद्ध शशिभूषण सोनी से चर्चा करते हुए रोशनलाल अग्रवाल ने बताया कि बचपन से ही उन्हें बागवानी का शौक रहा हैं। अपने खाली पड़े स्थान पर कुछ न कुछ पौधे लगा देता था और आज़ वही पौधें एक बड़ा सा पेड़ बनकर फल दे रहे हैं देखकर मन गदगद हो उठता हैं । उनके छोटे-से बगिया में किस्म-किस्म के फलदार पौधा हैं। सर्द मौसम में स्वादिष्ट अमरुद हैं । छत्तीसगढ़ में इसे बीहि के नाम से जाना जाता हैं । शशिभूषण सोनी ने कहा कि आज़ सायंकाल स्टेशन रोड पर स्थित अजय स्पोर्ट्स के संचालक अजय कुमार अग्रवाल पिता रोशनलाल अग्रवाल के आमंत्रण पर उनके दुकान पर पहुंचा । उन्होंने बताया कि वर्षों पहले हमारे इस पैतिक दुकान के पीछे मे स्वादिष्ट और रसभरी अमरुद खिला हुआ हैं, दस-पंद्रह अमरुद एक थैला में भरकर दे देता हूं । मैं स्वयं उनके शांप के पिछवाड़े पर पहुंचा सचमुच अमरुद उद्यान में लदा हुआ था । बहुत ही सुंदर और आकर्षक पका हुआ अमरुद दिखाई दिया । इलाहाबादी सरीखे स्वादिष्ट और पेड़ का पका हुआ अमरुद देखकर दिल खुश हो गया । मनुष्य की तरह संसार में भी दो-तरह के पेड़-पौधें होते हैं । एक जो अपना फल प्रदर्शित करते हैं, जैसे – अमरूद,आम ,पपीता और केला। वही दूसरा जो अपना फल छिपाकर रखते हैं । जैसे – मूंगफली ,आलू, प्याज़, अदरक-लहसुन । कहने का सीधा-सा तात्पर्य यह हैं कि जो व्यक्ति अपनी विद्या ,बुद्धि ,धन और शक्ति सामाजिक उत्थान में लगाते हैं , वह मान-सम्मान पाते हैं और जो छिपा कर रखते हैं , वह भूला दिए जाते हैं । मेरे मित्र अजय अग्रवाल प्रथम गुण में पारंगत हैं ।

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