कोरबा जिले के सभी ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इसे स्कैन करते ही पंचायत में 3 साल के भीतर कौन-कौन से कार्य कराए गए हैं, इसमें कितनी राशि खर्च की गई है, योजनाओं की स्थिति क्या है, यह कोई भी जान सकेगा।
रोजगार दिवस के अवसर पर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी गई। ग्रामीण यह शिकायत नहीं कर पाएंगे कि ग्राम में कौन-कौन से कार्य चल रहे हैं। इसमें 3 साल का कार्यों का पूरा ब्यौरा रहेगा। ये प्रणाली कोरबा जिला कलेक्टर अजीत वसंत की पहल पर शुरू की गयी है। ग्राम पंचायत में भवनों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग में सभी जनपद पंचायत के सीईओ को भी इस प्रणाली की जानकारी लोगों को देने और जागरूकता अभियान चलाने कहा है। उन्होंने बताया कि डिजिटल पहल ग्रामीणों को योजनाओं की निगरानी का अधिकार देती है।
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