छोटी बहन की बहादुरी से बची छात्रा की आबरू
पचपेड़ी क्षेत्र के एक गांव में रहने वाला आरोपी शिक्षक पास के ही किसान के परिवार से परिचित था। मंगलवार शाम जब छात्रा घर में अकेली थी, तब आरोपी वहां पहुंचा। उसने बहाना बनाया कि उसे दही चाहिए। जैसे ही छात्रा अंदर गई, शिक्षक ने उसके साथ दरिंदगी की कोशिश की और छेड़छाड़ शुरू कर दी। इसी दौरान छात्रा की छोटी बहन वहां पहुंच गई। उसने बिना डरे जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया। चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घर की ओर दौड़े, जिन्हें देख आरोपी शिक्षक पिछवाड़े से फरार हो गया।
पचपेड़ी पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के बाद डरी-सहमी छात्रा ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजन तुरंत उसे लेकर पचपेड़ी थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए POCSO एक्ट और छेड़छाड़ की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। देर रात पुलिस की एक टीम ने दबिश देकर आरोपी शिक्षक को उसके छिपने के ठिकाने से दबोच लिया। बुधवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
“महिला और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। शिकायत मिलने के तत्काल बाद आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपी शिक्षक के विरुद्ध पुख्ता साक्ष्य जुटाए गए हैं ताकि उसे कड़ी सजा मिल सके।”
— थाना प्रभारी, पचपेड़ी, बिलासपुर पुलिस
इस घटना के बाद इलाके के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। शिक्षा के मंदिर से जुड़े व्यक्ति की ऐसी हरकत ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से मांग की है कि आरोपी शिक्षक को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए। प्रशासन अब स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर आरोपी के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सजग रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 112 या स्थानीय थाने को दें।


