नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ‘द्वारा हाल ही में सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट में भारत को ‘हेल-होल’ (नर्क के समान) बताने पर वैश्विक स्तर पर विवाद खड़ा हो गया है। इस विवाद में अब भारत के पुराने सहयोगी देश ईरान की भी धमाकेदार एंट्री हो गई है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति को आईना दिखाते हुए कड़े शब्दों में उन्हें भारत की सभ्यता और संस्कृति को समझने की सलाह दी है।
ईरान का पलटवार: “भारत की खूबसूरती को समझें ट्रंप”
भारत के 5 हजार साल पुराने दोस्त ईरान ने इस मामले में दखल देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति पर सीधा निशाना साधा है। ईरानी दूतावास (कॉन्सुलेट) की ओर से जारी एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप को सलाह दी गई है कि वे ओछी बयानबाजी करने के बजाय भारत की ऐतिहासिक खूबसूरती और विविधता को आकर देखें।
ईरान ने अपने बयान में कहा, “भारत एक महान सभ्यता है। ऐसे देशों को लेकर अनर्गल टिप्पणी करना किसी भी राष्ट्रपति की गरिमा के अनुकूल नहीं है।” ईरान के इस कदम को वैश्विक मंच पर भारत के प्रति समर्थन और अमेरिका की विवादास्पद विदेश नीति पर प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर अमेरिकी रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के पॉडकास्ट का एक अंश साझा किया था। इस पॉडकास्ट में भारत और चीन को कथित तौर पर ‘हेल-होल’ (नर्क) करार दिया गया था। यह टिप्पणी मुख्य रूप से अमेरिका की ‘बर्थराइट सिटीजनशिप’ (जन्मसिद्ध नागरिकता) कानून के विरोध में की गई थी, जिसमें भारत और चीन के लोगों को निशाना बनाया गया था।
विपक्ष का हमला और सरकार की स्थिति
भारत में ट्रंप के इस बयान पर राजनीतिक घमासान मच गया है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इसे भारत का अपमान बताते हुए सरकार से कड़े विरोध दर्ज कराने की मांग की है।
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विपक्ष: विपक्षी दलों का कहना है कि यह बयान नस्लवादी और अपमानजनक है, जिस पर भारत सरकार को चुप नहीं रहना चाहिए।
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अमेरिकी सफाई: बढ़ते विवाद के बाद डैमेज कंट्रोल करते हुए अमेरिकी दूतावास ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप का उद्देश्य भारत का अपमान करना नहीं था और वे भारत को एक ‘महान देश’ और ‘अच्छा दोस्त’ मानते हैं।


