कोरबा/ पाली ब्लाक के अंतर गत आने वाले ग्राम पंचायत कर्रा नवापारा के सरपंच पूर्णा सिंह तंवर और सचिव बिसोक सिंह सिदार के भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा दिनाक 13/03/24 को ग्रामीणों ने की कलेक्टर से शिकायत।।जैसे ही शिकायत खबर सरपंच को लगी तभी से मामले को दबाने के लिय इधर उधर पाओ पसार रहा है।। नेताओं के माध्यम से भ्रष्टाचार के मामले को दबाने की हो रही है प्रयास।। ग्रामीणों को शिकायत पर दिनाक 22/03/2024 को जांच के लिए आय पाली ब्लाक के जनपद सीईओ भूपेंद्र कुमार सोनवानी। ने शिकायत कर्ताओं ग्रामीणों से बयान लेकर कागजी कार्यवाही की बात करते हुए बयान कॉपी में हस्ताक्षर करवाकर मामले को दबाने की कोसिस की गई। इसी मामले में पूर्व ग्राम सभा अध्यक्ष अशोक कुमार के द्वारा शिकायत किया जा चुका है पर कोई कार्यवाही नहीं हुई और मामले को पाली जनपद में ही दबा दिए गया।और वही जनपद सीईओ के द्वारा ग्रामीणों की बात को नही सुनी गई और बयान कॉपी में हस्ताक्षर करवाकर औचक निरीक्षण की बात करते हुए निरीक्षण के लिए निकल गा जिसमे जनपद सीईओ ने ग्रामीणों के बातों को दरकिनार करते हुए सरपंच सचिव के पक्ष में बात किया जा रहा था।जिसका ग्रामीणों ने बीच बीच में टोका टिप्पणी करने लगे ।जिसमे जनपद सीईओ के साथ आए कर्मचारी के द्वारा सरपंच सचिव के पक्ष में बात करते हुए उल्टे ग्रामीणों को बरगलाने और डराने लगे थे।। जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया तब शांत हुआ। जनपद सीईओ के द्वारा निरीक्षण करते हुए गुड़वाता विहीन और आधा अधूरा कार्य पाया गया पर कोई कार्यवाही नहीं की गई जबकि सरपंच पति स्वयं काबुल कर रहा है की बाजार सेड और अन्य कार्यों का पैसा निकाल कर निजी उपयोग कर किया है ।फिर भी जनपद सीईओ के द्वारा कोई कार्यवाही करने की बात नही की और निरीक्षण को आगे बढ़ाते हुए शिकायत कर्ताओं के साथ निरीक्षण की बात करते हुए दुगुपरा स्कूल और नाली निर्माण की निरीक्षण के लिए सभी ग्रामीणों को दुगुपरा आने को कहकर चले गए जैसे ही ग्रामीण और शिकायत करता मौका निरीक्षण के लिय दुगुपारा आते ही जनपद सीईओ वहा से फरार हो। गए।। जनपद सीईओ के ऐसे रवाइए से ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखेने को मिला जिसने जनपद सीईओ को सरपंच सचिव के साथ मिली भगत का आरोप भी लगाए।और साथ ही ऐसे सरपंच नही चाहिए करके नारे बाजी भी की गई।। सरपंच सचिव के खिलाफ कार्यवाही नही होती है तो दुबारा कोरबा कलेक्टर और संभाग आयुक्त के पास जाने की बात कही गई है जिसके निस्पक्छ जांच कर धारा 40 के तहत सरपंच को पद पृथक किया जाय और सचिव को निलंबित किया जाय ग्राम पंचायत की सही निष्पक्ष पूर्णा सिंह तंवर के कार्यकाल की जांच किए जायेंगे तो 70 से 80 लाख का घोटाला निकल कर सामने आयेंगे।जनपद सीईओ भूपेंद्र कुमार सोनवानी के मिली भगत के आरोप के साथ एवम बड़े अधिकारी के मिली भगत से ग्रामीणों को न्याय मिल पाएगा।।
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