कोरबाl सामाजिक कार्यकर्ता विनोद सिन्हा ने मोदी सरकार की तीसरी पाली की प्रथम केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के बाद यह पहला बजट है जिसमें शिक्षा को रोजगार से जोड़ते हुए युवाओं को कुशल मजदूर का प्रशिक्षण देकर निश्चित रोजगार मुहैया कराने का बजट में अवसर दिया गया है इसके अतिरिक्त मध्य वर्गों को विशेष राहत देते हुए संगठित व असंगठित मजदूरों के आयकर में छूट प्रदान कर राहत दी गई है।
महिलाओं के पसंद आभूषण सोना चांदी में भी कर में छूट दी गई है इतना ही नहीं पर्यटन और भारतीय संस्कृति को अक्षुण रखने के लिए भी बजट में अनेक प्रावधान किए गए हैं।
पीएम आवास के अतिरिक्त मजदूरों के लिए भी अलग से आवास का निर्माण करने का बजट में प्रस्ताव किया गया है जो स्वागत योग्य है कुल मिलाकर बजट आजादी के बाद का ऐतिहासिक बजट है।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.


