CG News : बिलासपुर/भोजपुर। छत्तीसगढ़ की तीन नाबालिग लड़कियों को बिहार के भोजपुर जिले में कथित तौर पर जबरन डांस कराने के मामले से मुक्त कराया गया है। बिहार पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त टीम ने रतनपुर गांव में कार्रवाई कर बच्चियों को सुरक्षित बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें भोजपुर निवासी रंजीत सिंह उर्फ गुड्डू सिंह और छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की सलमा बेगम शामिल हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चियों से ऑर्केस्ट्रा और शादी-बर्थडे पार्टियों में डांस कराया जाता था। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बिहार में छत्तीसगढ़ की तीन नाबालिग बच्चियां मुक्त
जानकारी के मुताबिक, बिहार के भोजपुर जिले में नाबालिग लड़कियों से कथित तौर पर जबरन डांस कराने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद बिहार पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने रतनपुर गांव में दबिश देकर छत्तीसगढ़ की तीन नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया। बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
ऑर्केस्ट्रा और शादी-बर्थडे पार्टियों में कराया जाता था डांस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चियों को ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रमों के अलावा शादी और जन्मदिन की पार्टियों में डांस कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। आरोप है कि उनसे उनकी इच्छा के विरुद्ध काम कराया जा रहा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बच्चियों को किस तरह बिहार लाया गया और इस गतिविधि में अन्य लोगों की भी कोई भूमिका थी या नहीं।
दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कर रही पूछताछ
इस मामले में पुलिस ने भोजपुर के रंजीत सिंह उर्फ गुड्डू सिंह और जांजगीर-चांपा निवासी सलमा बेगम को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ कर बच्चियों को वहां लाने, उन्हें काम पर लगाने और कथित शोषण से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में लगी है कि इस मामले के तार किसी बड़े मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।
मानव तस्करी की आशंका, नेटवर्क की जांच जारी
तीन नाबालिग बच्चियों की बरामदगी के बाद पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है। बच्चियों के बयान, उनकी यात्रा और वहां रहने की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उन्हें किसी प्रलोभन, नौकरी के वादे या अन्य माध्यम से बिहार लाया गया था।




