CG News : जगदलपुर/भानपुरी | 10 मई 2026 छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के भानपुरी थाना क्षेत्र में एक महिला की मृत्यु के बाद उसके शव को दफनाने को लेकर रविवार को हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। धर्मांतरण के मुद्दे पर स्थानीय ग्रामीणों और हिंदूवादी संगठनों के कड़े विरोध के चलते कई घंटों तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रुकी रही, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
क्या है पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार, भानपुरी क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला ने कुछ समय पहले ईसाई धर्म अपना लिया था। शनिवार देर रात उसकी मृत्यु हो गई। रविवार को जब परिजन शव को दफनाने के लिए गांव के पास की जमीन पर पहुंचे, तो स्थानीय ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जता दी।
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विरोध का कारण: ग्रामीणों का तर्क था कि चूंकि महिला ने अपना मूल धर्म छोड़ दिया था, इसलिए उसे गांव की पारंपरिक जमीन या श्मशान घाट के पास दफनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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संगठनों की एंट्री: जल्द ही इस विवाद में कुछ हिंदूवादी संगठन भी शामिल हो गए, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ इलाका
विवाद बढ़ता देख स्थानीय पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। भीड़ को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
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पुलिस का हस्तक्षेप: स्थिति बिगड़ते देख इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
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प्रशासनिक निर्णय: कई घंटों की खींचतान के बाद, प्रशासन ने सुरक्षा घेरे के बीच वैकल्पिक स्थान पर अंतिम संस्कार कराने की व्यवस्था की, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
बस्तर में बढ़ते धर्मांतरण विवाद
बस्तर के अंदरूनी इलाकों में पिछले कुछ समय से धर्मांतरण को लेकर सामाजिक टकराव की घटनाएं बढ़ी हैं। स्थानीय मूल निवासियों का मानना है कि धर्म बदलने के बाद भी पारंपरिक रीति-रिवाजों और जमीन का उपयोग करने से सामाजिक ताना-बाना प्रभावित होता है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
पुलिस के अनुसार, गांव में अब स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।


