हनीट्रैप का जाल और 1 करोड़ की डिमांड: ऐसे खुली पोल
मामले का खुलासा करते हुए दुर्ग एसपी ने बताया कि आरोपियों ने नाबालिग को हनीट्रैप में फंसाने के लिए एक युवती का इस्तेमाल किया। युवती ने सोशल मीडिया के जरिए किशोर से दोस्ती की और फिर मिलने के बहाने उसे बुलाया। जैसे ही किशोर नियत स्थान पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद मास्टरमाइंड भांजे और उसके साथियों ने कार से उसे किडनैप कर लिया।
किडनैपरों ने किशोर को बंधक बनाकर उसके पिता को एक वीडियो मैसेज भेजा, जिसमें उन्होंने 1 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की। फिरौती न देने पर किशोर को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने कॉल ट्रेसिंग और मुखबिरों की मदद से आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी और नाबालिग को राजनांदगांव के एक सुनसान इलाके से सुरक्षित छुड़ा लिया। साल 2026 में दुर्ग जिले में अब तक अपहरण के 10 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जो चिंताजनक है।
“यह एक बेहद शातिराना और घिनौना मर्डर था। आरोपियों ने महज पैसों के लिए एक नाबालिग की जान खतरे में डाली। रिश्ते का कत्ल किया गया है। हमारी टीम ने शानदार काम किया और किशोर को 24 घंटे के भीतर सुरक्षित छुड़ा लिया। हम आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।”
— रामगोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक (SP), दुर्ग
2026 में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड ने जिले में सनसनी फैला दी है। सगे भांजे द्वारा ही अपहरण की साजिश रचने की खबर से पीड़ित परिवार और पूरा इलाका सदमे में है। लोग अब अपने ही रिश्तेदारों पर भरोसा करने से कतरा रहे हैं। दुर्ग टेंट एसोसिएशन ने भी इस घटना पर दुख जताया है और पुलिस से फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाकर आरोपियों को जल्द से जल्द सख्त सजा देने की मांग की है। पुलिस की एक टीम अभी भी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस वारदात में कोई और भी शामिल था।


