नव-दिवसीय श्रीराम कथा का समापन !

न्यूज़ जांजगीर-चांपा । कोसा, कांसा एवं कंचन की पवित्र भूमि चांपा नगर में भगवान श्रीरामचन्द्र जी ने पहली बार कथा करने का अवसर मिला । आप सब लोगों ने नव दिनों तक ध्यान पूर्वक कथा सुना मैं प्रसन्नता व्यक्त करता हूं । कथा महात्म्य के दौरान कोई बात अच्छी लगी उसे जीवन में उतारें । हम परदेशी फ़कीर एक दिन हमें याद करेंगें । श्रीराम कथा के दौरान यदि मुझसे मन में कोई भूल-चूक हो गई हो तो क्षमा करना । यह सुंदर और भावपूर्ण उद्गार हैं जो कि सुप्रसिद्ध कथा वाचक शंभुशरण लाटा कोलकाता वाले ने श्रीराम सेवा समिति द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के दौरान द माडर्न विलेज प्रांगण में कहा हैं । उन्होंने अपने अंतिम वाक्य में भाव-विह्वल होकर कहा कि मेरी कथा स्वात: सुखाय हैं, मेरा लक्ष्य धन प्राप्ति नही हैं । सर्व भवन्तु सुखिन सर्वे संतु निरामया । जब कभी अवसर मिला वे एक-दिन फ़िर से इसी मोड़ पर मुलाक़ात करेंगे और भोले बाबा की कृपा से फ़िर आयेंगे ।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज और नगर में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करना था तथा इस कार्य में हम सफल रहे ।

श्रीराम सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल ने समिति के सभी सदस्यों को बुलाकर तन-मन और धन से संपन्न कराने के लिए आभार व्यक्त किया । उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज और नगर में धार्मिक व सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करना था और हम इसमें पूर्णतः सफल रहे । कलशयात्रा से लेकर कथा समापन तक श्रद्धालुओं के बीच राम कथा श्रवण करने की लालसा बनी रही । धार्मिक आस्था रखने वाले तथा नगर के साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने बताया कि आजकल देश-भर में कथा सुनने वालों की खूब धूम मची हुई हैं । जगह-जगह श्रीमद्भागवत कथा, शिवपुराण कथा, कार्तिकेय कथा , श्रीराम कथा में भारी भीड़ उमड़ रही हैं । संगीत की धुन पर कथावाचक भजन-कीर्तन और झांकियां सजा कर कथा को मनोरंजक बना रहे हैं । कथा पूरी होने से पहले ही कथावाचक के चेले चपटे बड़े-बड़े थैले लेकर कथा सुनने वालों की भीड़-भाड़ से निकलते हुए मैंने देखा हैं । कथा वाली जगह पर एक शानदार मंच बनाया जाता हैं और उस पर पूरी सज धज और ठाठ-बाट के साथ राजा-महाराजाओं की तरह कथा वाचक बैठते हैं और नवदिन या फिर सात दिनों तक कथा का रसपान कराते हैं । इन सब कथाओं से एक दम विलग बिना किसी चढ़ावा और दान-पुण्य के श्रीराम सेवा समिति चांपा द्वारा वाणी भूषण संत शंभुशरण जी लाटा के मुखारविंद से दिनांक 12 जनवरी से दिनांक 20 जनवरी 2025 तक मह्लान्ह 2:300 बजें से 6:30 बजें तक कथा हुई । श्रीराम कथा का अंतिम दिन होने के कारण द माडर्न विलेज का विशालकाय पंडाल खचा-खच भरा हुआ था । जांजगीर-चांपा जिले के अलावा दूरदराज से गांव-गांव के लोग कथा श्रवण और आध्यात्मिक गुरु शंभुशरण लाटा जी का दर्शन करने पहुंचे । कार्यक्रम का सीधा प्रसारण फैसबुक लाईव आन शिव-शक्ति टीवी पर किया गया ।

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