कोरबा कोरबा जिले में भीषण गर्मी और उमस के बीच वनांचल क्षेत्र में बिजली व्यवस्था उस समय पूरी तरह चरमरा गई, जब दर्री जोन अंतर्गत अजगरबहार 33केवी विद्युत लाइन पर विशाल पेड़ गिर जिससे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप्प हो गई। अचानक बिजली गुल होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तपती गर्मी में लोग घंटों अंधेरे और उमस से जूझते रहे। हालांकि बिजली विभाग के कर्मचारियों ने दिनभर कड़ी मशक्कत करते हुए आखिरकार विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार तेज हवाओं और मौसम के प्रभाव के चलते अजगरबहार 33केवी लाइन पर पेड़ गिर गया था। पेड़ गिरते ही विद्युत तार क्षतिग्रस्त हो गए और पूरे वनांचल क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। घटना के बाद कई ग्रामो में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भीषण गर्मी के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया था। पेयजल व्यवस्था से लेकर रोजमर्रा के कामकाज तक प्रभावित हो गए।
सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। दुर्गम वनांचल क्षेत्र और जोखिम भरे हालात के बावजूद कर्मचारियों ने बिना रुके घंटों तक मरम्मत कार्य किया। तेज गर्मी, उमस और कठिन परिस्थितियों के बीच कर्मचारियों ने पेड़ हटाने, क्षतिग्रस्त तारों को सुधारने और लाइन को पुनः चालू करने का काम युद्धस्तर पर किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार बिजली कर्मियों ने पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य किया। कई स्थानों पर दलदल और घने जंगल जैसी परिस्थितियों में भी कर्मचारियों ने हार नहीं मानी और लगातार लाइन सुधार कार्य में जुटे रहे। देर शाम विद्युत आपूर्ति बहाल होते ही ग्रामीणों ने राहत महसूस की।
इस पूरी कार्यवाही में दर्री जोन के जूनियर इंजीनियर वी.पी. सिंह कंवर की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके नेतृत्व में प्रवीण सिंह पोर्ते, लाइनमैन लक्ष्मी नारायण यादव, एफओसी स्टाफ रामचंद्र, मदन, इंद्रपाल, योगेश कंवर, राजेंद्र कंवर और अशोक ने लगातार मेहनत कर बिजली व्यवस्था को सामान्य किया।
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