कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में ईंधन और रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर चिंताजनक स्थिति पैदा हो गई है। जिले में एलपीजी सिलिंडर और पेट्रोल-डीजल की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कोरबा में केवल दो दिन का रसोई गैस स्टॉक शेष रह गया है, जबकि दो प्रमुख पेट्रोल पंप पूरी तरह से ड्राई (ईंधन खत्म) हो चुके हैं। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है और नागरिकों से पैनिक न होने की अपील की है।
3 लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित, हजारों बुकिंग लंबित
कोरबा जिले में एलपीजी वितरण का एक बड़ा नेटवर्क है, जो इस समय भारी दबाव में है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, संकट की वर्तमान स्थिति कुछ इस प्रकार है:
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कुल एलपीजी वितरक: 28
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कुल प्रभावित उपभोक्ता: 3,14,891 (जिसमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी भी शामिल हैं)
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वर्तमान में उपलब्ध सिलिंडर: 5,876
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लंबित बुकिंग (Pending Bookings): 8,142 सिलिंडर
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स्टॉक की स्थिति: दैनिक खपत के आधार पर सिर्फ 2 दिन का स्टॉक बचा है।
चूंकि लंबित बुकिंग की संख्या उपलब्ध सिलिंडरों से कहीं अधिक है, इसलिए आने वाले दिनों में आम जनता और विशेषकर उज्ज्वला योजना के गरीब परिवारों की रसोई पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल-डीजल की भी किल्लत: दो पंप हुए पूरी तरह ड्राई
LPG के साथ-साथ जिले में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई चेन भी प्रभावित हुई है। वैश्विक स्तर पर जारी कच्चे तेल के संकट और आपूर्ति में आई रुकावटों के चलते कोरबा के दो पेट्रोल पंपों में ईंधन पूरी तरह समाप्त हो चुका है। कई अन्य पेट्रोल स्टेशन भी सीमित स्टॉक के सहारे चल रहे हैं, जिसके कारण वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालिया समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर (जैसे मिडिल ईस्ट) में बढ़े तनाव और डिपो से सप्लाई चेन में आए व्यवधान के कारण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में ईंधन की आंशिक किल्लत देखी जा रही है।
जिला प्रशासन की जनता से अपील: “अफवाहों पर ध्यान न दें”
गहराते संकट के बीच कोरबा जिला प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे तेल कंपनियों और एलपीजी बॉटलिंग प्लांट के निरंतर संपर्क में हैं ताकि आपूर्ति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि:
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पैनिक बुकिंग न करें: जरूरत से ज्यादा गैस या ईंधन का भंडारण न करें, जिससे कृत्रिम कमी पैदा न हो।
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अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी भ्रामक खबर पर विश्वास न करें। सरकार के पास राज्य स्तर पर पर्याप्त बैकअप मौजूद है और आपूर्ति बहाल करने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं।


