Ram Mandir’ अयोध्या। राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी बहुप्रतीक्षित जांच रिपोर्ट मंगलवार को राज्य सरकार को सौंप दी। करीब 150 पेज की इस विस्तृत रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई हैं। सूत्रों के अनुसार, SIT ने मामले में एफआईआर दर्ज करने, मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन करने तथा मंदिर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाने का सुझाव दिया है।
जानकारी के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन, लेखा-जोखा और निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है। SIT का मानना है कि चढ़ावे की राशि और अन्य दान सामग्री के प्रबंधन के लिए वर्तमान व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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सूत्रों के अनुसार, जांच दल ने मामले में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। हालांकि किन व्यक्तियों या पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है, इसका आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है। रिपोर्ट पर सरकार द्वारा अध्ययन किए जाने के बाद ही आगे की कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।
SIT ने अपनी रिपोर्ट में मंदिर ट्रस्ट को दोबारा गठित करने का सुझाव भी दिया है। जांच दल का मानना है कि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक दक्षता लाने के लिए संरचनात्मक बदलाव जरूरी हैं। इसके साथ ही मंदिर के दैनिक संचालन और वित्तीय प्रबंधन की निगरानी के लिए किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की सिफारिश भी की गई है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले के कई पहलुओं की अभी और गहन जांच की आवश्यकता है। इसी वजह से SIT ने विस्तृत जांच पूरी करने के लिए राज्य सरकार से अतिरिक्त समय की मांग की है। जांच दल का कहना है कि वित्तीय लेन-देन, रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की गहराई से पड़ताल के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।



