CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ में सर्पदंश से जुड़ी मुआवजा राशि में कथित अनियमितताओं का मामला अब जांच के नए चरण में पहुंचता नजर आ रहा है। इस बहुचर्चित मामले की जांच किसी विशेषज्ञ एजेंसी से कराने की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से दिए गए संकेतों के बाद माना जा रहा है कि सर्पदंश मुआवजा घोटाले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को सौंपी जा सकती है।
विशेषज्ञ एजेंसी को जांच सौंपने का प्रस्ताव
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेषज्ञ एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। DGP के बयान के बाद अब इस बात की संभावना बढ़ गई है कि मामले की जांच EOW के स्तर पर कराई जाएगी। हालांकि, जांच औपचारिक रूप से कब और किस आदेश के तहत EOW को सौंपी जाएगी, इसे लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार है।
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मुआवजा राशि में गड़बड़ी का आरोप
सर्पदंश से मौत के मामलों में पात्र परिवारों को शासन की ओर से मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। आरोप है कि इसी प्रक्रिया में कुछ मामलों में नियमों की अनदेखी कर कथित तौर पर मुआवजा राशि का गलत तरीके से भुगतान कराया गया। मामले में दस्तावेजों, पात्रता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
कई स्तरों पर जांच की जरूरत
मामले की जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि मुआवजा प्राप्त करने वाले हितग्राही वास्तव में पात्र थे या नहीं। इसके साथ ही मृत्यु के कारण, मेडिकल दस्तावेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, राजस्व रिकॉर्ड और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है। यदि किसी स्तर पर फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी के आधार पर भुगतान हुआ है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
EOW जांच से खुल सकते हैं कई राज
यदि जांच EOW को सौंपी जाती है तो आर्थिक लेनदेन और दस्तावेजी प्रक्रिया की गहन जांच हो सकती है। एजेंसी यह भी देख सकती है कि कथित अनियमितताओं में किसी संगठित नेटवर्क या अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत तो नहीं थी। जांच के दौरान बैंक खातों, भुगतान रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल भी अहम हो सकती है।



