कोरबा 13 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से शासन जरूरतमंदों, दिव्यांगजनों तक संवेदनशीलता के साथ पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। सरकार की मंशा है कि कोई भी व्यक्ति अपनी शारीरिक परेशानी या आर्थिक कठिनाइयों के कारण जीवन में पीछे न रह जाए। यही कारण है कि जनसमस्या निवारण शिविरों में लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें तत्काल राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कभी अपनी मेहनत और परिश्रम से परिवार का सहारा बनने वाले ग्राम दादर कला निवासी श्री भगत राम का जीवन मधुमेह की गंभीर बीमारी के बाद अचानक बदल गया। बीमारी बढ़ने पर ऑपरेशन के दौरान उनका एक पैर निकालना पड़ा, जिसके बाद उनका जीवन संघर्षों से घिर गया। जो व्यक्ति कभी परिवार की जिम्मेदारियों को मजबूती से निभाता था, उसके लिए अब रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी चुनौती बन गए। चलना-फिरना मुश्किल हो गया और काम करना लगभग असंभव। इसके बावजूद परिवार की जिम्मेदारियां आज भी उनके कंधों पर हैं। घर में एक बेटा और एक बेटी हैं, लेकिन बेटा अभी इतना बड़ा नहीं हुआ है कि परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाल सके। इन कठिन परिस्थितियों के बीच वह आज जनसमस्या निवारण शिविर, गिधौरी पहुंचे। उनकी परेशानी को गंभीरता और संवेदनाओं के साथ समझते हुए उन्हें तत्काल बैसाखी प्रदान की गई। बैसाखी हाथ में लेते ही उनके चेहरे पर लंबे समय बाद राहत और आत्मविश्वास की झलक दिखाई दी।
भावुक होकर उन्होंने बताया कि अब तक आने-जाने में उन्हें काफी तकलीफ होती थी और छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी दूसरों का सहारा लेना पड़ता था। अब इस बैसाखी के सहारे वे स्वयं चल-फिर सकेंगे, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी पीड़ा को समझते हुए उन्हें नया सहारा दिया है, जिससे उनके जीवन में फिर से उम्मीद जगी है।


