November Rule Changes 2026 : नई दिल्ली। नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में आम लोगों और कारोबारियों से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इनका सीधा असर रसोई के बजट, मोबाइल यूजर्स, हाईवे पर सफर करने वालों और म्यूचुअल फंड निवेशकों पर पड़ने वाला है। 1 नवंबर 2026 से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। वहीं, अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर अब कॉलर का पंजीकृत नाम दिखाई देने की सुविधा शुरू हुई है। इसके अलावा FASTag, GST और म्यूचुअल फंड से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। आइए जानते हैं नवंबर से लागू हुए इन पांच बड़े बदलावों के बारे में।
1. कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा
नवंबर की शुरुआत में तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 17 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है। इसका असर बाहर खाना खाने वाले ग्राहकों पर भी पड़ने की आशंका है।
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हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली है। 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
2. अब अनजान नंबर से कॉल आने पर दिखेगा नाम
मोबाइल यूजर्स के लिए नवंबर से CNAP (Calling Name Presentation) सुविधा शुरू की गई है। इसके तहत अनजान नंबर से फोन आने पर मोबाइल स्क्रीन पर नंबर के साथ कॉल करने वाले व्यक्ति का टेलीकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड में दर्ज नाम भी दिखाई देगा।
इस सुविधा के लिए अलग से कोई ऐप डाउनलोड करने या अतिरिक्त सेवा लेने की जरूरत नहीं होगी। इसका उद्देश्य फर्जी कॉल और साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने में मदद करना है।
3. FASTag के स्थानीय वार्षिक पास में बदलाव
हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए FASTag से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव किया गया है। टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों को स्थानीय वार्षिक पास की सुविधा का लाभ मिल सकेगा। इसके तहत निर्धारित शुल्क देकर बार-बार टोल भुगतान करने की परेशानी से राहत मिल सकती है।
4. म्यूचुअल फंड में Direct Plan होगा डिफॉल्ट
म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। 1 नवंबर से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर Direct Plan डिफॉल्ट विकल्प बनाया गया है। यदि निवेशक Regular Plan चुनते हैं तो उन्हें उसके अतिरिक्त खर्च और एक्सपेंस रेश्यो की जानकारी दी जाएगी। इससे निवेशकों को दोनों विकल्पों की तुलना करने में आसानी होगी।
5. GST नियमों में कारोबारियों को राहत
GST व्यवस्था में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं। इनमें बिक्री के बाद मिलने वाली छूट, क्रेडिट नोट और रिफंड प्रक्रिया से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। पात्र कारोबारियों को इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों में प्रोविजनल रिफंड की सुविधा मिलने से नकदी प्रवाह बेहतर करने में मदद मिल सकती है।




