कोरबा, 21 जून। जिले की एसईसीएल कुसमुंडा खदान में लगातार हो रहे हादसों ने कर्मचारियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। एक ट्रेलर हादसे में ड्राइवर की मौत के बाद शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक और दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें डंपर पलटने से विभागीय कर्मचारी सत्यनारायण की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, 38 वर्षीय सत्यनारायण रात करीब एक बजे खोदरी फेस में 60 टन डंपर से मिट्टी अनलोड कर रहे थे। इसी दौरान डंपर अनियंत्रित होकर करीब 150 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतक के चार छोटे बच्चे हैं और वह परिवार के इकलौते कमाने वाले थे, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना के बाद खदान क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए कर्मचारियों ने रविवार सुबह से काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि खदान प्रबंधन और प्रबंधक कैलाशचंद बल लगातार कर्मचारियों पर काम का दबाव बनाते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
मांगें नहीं मानी तो जारी रहेगी हड़ताल
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार प्रबंधक कैलाशचंद बल को तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही मृतक के परिजन को सात दिनों के भीतर अनुकंपा नियुक्ति और उचित मुआवजा देने की मांग भी रखी गई है।
पुलिस जांच शुरू, प्रबंधन चुप
घटना की सूचना मिलते ही कुसमुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
लगातार हो रहे हादसों ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि अब तक प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ गया है।



