अंचल की जीवनदायनी बहुउद्देशीय हसदेव बांगो परियोजना के मूल बांध के जल भराव में आयी कमी से चिंता की लकीरे उभरने लगी हैं। यदि मौषम का मिजाज सुधरकर वर्षा ऋतु अथवा नदी-नालो के माध्यम से आनेवाला जल यहां समय पर पहुंचकर जल भराव में परिवर्त्तित नहीं हुआ, तो यह चिंता और भी बलवती हो उठेगी की इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता हैं।
जानकारी के अनुसार बांध में आज की स्थिति में मात्र 1018.60 मिलियन घन मीटर जल भराव शेष है, जो कुल क्षमता का लगभग 35.19% है। बांध से सिंचाई के लिए जल प्रदाय किया जा रहा है, लेकिन वर्तमान में उपलब्ध जल की मात्रा सीमित है। अनुमान है कि वर्तमान जल प्रदाय दर से केवल 11 से 12 दिनों तक ही सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो पाएगा।
बांध में कम से कम 868.80 मिलियन घन मीटर जल भराव रखना आवश्यक है, जो कुल क्षमता का लगभग 30% है। वर्तमान में उपलब्ध जल की मात्रा को देखते हुए, बांध के जल स्तर को बनाए रखने के लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कार्यपालन अभियंता ने अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है। आगे की कार्यवाही के लिए जल संसाधन विभाग और संबंधित अधिकारियों के बीच चर्चा जारी है।
कार्यालय कार्यपालन अभियंता, मिनीमाता बांगो बांध संभाग क्र. 3, माचाडोली जिला-कोरबा से ज्ञापन क्रमांक 962/कार्य प्रति 15/04/2025 के अनुसार, वर्तमान में बांध से 13.09 मिलियन घन मीटर प्रति दिन जल प्रदाय किया जा रहा है। सहपत्र के साथ यह पत्र अधीक्षण अभियंता, हसदेव परियोजना मंडल, रामपुर कोरबा को भेजा गया है।
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