CG NEWS : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने खनिज उपयोग, रॉयल्टी क्लीयरेंस और जीएसटी भुगतान व्यवस्था को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है, जिसे राज्य के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने से निर्माण कार्यों में होने वाले भुगतान संबंधी विवादों में कमी आएगी और कार्यों की गुणवत्ता व पारदर्शिता में सुधार होगा। अब बिना रॉयल्टी क्लीयरेंस के किसी भी निर्माण कार्य को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
एस्टीमेट में नहीं जोड़ा जाएगा जीएसटी
जारी निर्देशों के अनुसार, अब निर्माण कार्यों के एस्टीमेट और पीएसी (प्रारंभिक लागत विवरण) तैयार करते समय सामग्री दरों में जीएसटी शामिल नहीं किया जाएगा। जीएसटी को अलग से जोड़ा जाएगा, जो कि ठेका प्रक्रिया पूरी होने और भुगतान के समय लागू दर के अनुसार जोड़ा जाएगा।
खनिज उपयोग पर रहेगी सख्त निगरानी
सरकार ने निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले खनिजों की वैधता और रॉयल्टी भुगतान को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी है। संबंधित एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी निर्माण कार्यों में वैध खनिजों का ही उपयोग हो और उनकी रॉयल्टी का भुगतान नियमानुसार किया जाए।
सभी निकायों में लागू होगी एक समान प्रक्रिया
नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर के सभी शहरी निकायों में इस नई प्रक्रिया को एक समान रूप से लागू किया जाएगा, जिससे कार्य प्रणाली में एकरूपता आएगी और किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश कम होगी।


