कोरबा जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड फेज-2 के तहत निर्माणाधीन उरगा-धरमजयगढ़ रेल कॉरिडोर में 6 जगहों पर स्पेशल एलीफेंट अंडरपास बनाया जाएगा। परियोजना का मकसद 65 किमी लंबे इस रेल मार्ग में हाथियों और अन्य वन्यजीवों के आवागमन को सुरक्षित बनाना है।
बताया जा रहा हैं की वन विभाग के प्रस्ताव पर रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत लिए 26 अंडरब्रिज और 19 रेलवे अंडरब्रिज भी बनाए जा रहे हैं, जिसमें विशेष एलीफेंट अंडरपास भी शामिल हैं। उरगा से धरमजयगढ़ के बीच बिछाई जा रही 45 किमी लंबी रेल लाइन कोरबा जिले में आती है। यह करतला वन परिक्षेत्र का वह इलाका है, जहां हाथियों का प्रमुख रहवास और पारंपरिक आवागमन मार्ग है। वन विभाग के सर्वे के बाद इन 6 क्रिटिकल पॉइंट्स को चिह्नित किया गया है, जहां से हाथियों के झुंड अक्सर गुजरते हैं। इन्हीं जगहों पर कंक्रीट के अंडरपास बनाए जा रहे हैं ताकि रेल लाइन शुरू होने के बाद भी हाथियों का प्राकृतिक मूवमेंट बाधित न हो। ये पुल बीच में पड़ने वाले जंगल, नदी, नालों व सड़कों के कारण बनाए जा रहे हैं।
* अंडरपास के आस-पास के रास्तों को दिया जाएगा प्राकृतिक रूप
सर्वे के अनुसार जब हाथी करतला क्षेत्र से लौटते हैं, तो वे मुख्य रूप से ग्राम घिनारा और धसकामुड़ा जैसे वन क्षेत्रों के रास्तों का उपयोग करते हैं। इसके आस-पास के क्रिटिकल पॉइंट्स को भी चिह्नित कर अंडरपास तैयार किया जा रहा है, ताकि रेल लाइन बिछने के बाद भी हाथियों का प्राकृतिक आवागमन बाधित न हो। हाथियों को कृत्रिम कंक्रीट संरचनाओं से दूर रखने या भ्रमित होने से बचाने के लिए इन अंडरपास के आस-पास के रास्तों को प्राकृतिक रूप दिया जाएगा।
* हाईवे की तर्ज पर ऊंचे और चौड़े होंगे अंडरपास
इन अंडरपास मार्गों का डिजाइन सामान्य रेलवे अंडर ब्रिज जैसा न होकर, बड़े नेशनल हाईवे के एलीफेंट कॉरिडोर की तर्ज पर किया जा रहा है। इनकी ऊंचाई और चौड़ाई इतनी पर्याप्त रखी जा रही है, जिससे हाथियों का पूरा झुंड आसानी से पार हो सके।
* ईस्ट रेल कॉरिडोर के बीच 2500 करोड़ का प्रोजेक्ट
एजीएम, एसईसीआर विजय साहू ने जानकारी देते हुए बताया की ईस्ट रेल कॉरिडोर के बीच जंगल होने से वन्य जीवों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके लिए 2500 करोड़ की एक परियोजना बनाई गयी हैं। परियोजना पूरी होने के बाद हाथियों को आवागमन के लिए रेल लाइन को पार न करना पड़े, इस दिशा में निर्माण एजेंसी काम कर रही है।
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